Sunday, August 25, 2013

कव्वाली

कव्वाली हमने तो सुना है नाम तेरा, तू है इस दुनिया का वाली, उजड़े गुलशन में बहार आई, जब नज़र श्याम तुमने डाली, उजड़े गुलशन में बहार आई, जब नज़र श्याम तुमने डाली, प्यासा कोई भी जब आया, तेरे दर से गया ना खाली है, अपने हाथों से पिलाये जिसे, किस्मत वाला वो सवाली है, मुझ से ऐसी क्या ख़ता हुई ? मेरा पैमाना खाली है, दो बूंद मुझे भी मिल जाये, इतनी ही रहमत काफी है, समझूं गा मेरे गुनाहों की, मिल गई आज मुझे माफ़ी है, तेरे नाम से दुनिया रोशन है, तेरा करम तरक्की देता है, रहते हैं दूर अँधेरे सब, ये बात ज़माना कहता है, यूँ तो सारी ही दुनिया पर, रहती है रहम नज़र तेरी, इक नज़र इधर भी हो जाये, मेरा भी गुज़ारा हो जाये बस ऐसा जादू कर डालो नज़रो में बसे तस्वीर तेरी, दीदार मुझे तब हो जाये, जब दिल का इशारा हो जाये, हर साँस में तेरा नाम चले, स्वीकार वंदना हो मेरी, मेरे दिल की आवाज यही, नहीं और तमन्ना है मेरी लक्ष्मी चंद अग्रवाल फ़ोन 91-9311008400 ईमेल agarwal@phulwari.in

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